कानपुर : सिंचाई विभाग में फर्जीवाड़ा, ठेकेदार की मिलीभगत से नहर का अवैध खनन
कानपुर। सिंचाई विभाग में लूट-खसोट का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। विभाग के पहरेदार ही नियम-कायदों को ताक पर रखकर राजस्व का नुकसान कराने में जुटे हैं। जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं और विभाग के निचले स्तर के कर्मचारी ठेकेदारों से मिलीभगत कर मोटी कमाई कर रहे हैं।
नौरैया खेड़ा स्थित सिंचाई विभाग कोठी दादानगर में ऐसा ही खेल सामने आया है। आरोप है कि लोअर गंगा कैनाल सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता विनोद कुमार और जूनियर इंजीनियर गोविंद के मौखिक आदेशों पर ठेकेदार हरिशंकर यादव बिना किसी नीलामी या लिखित अनुमति के नहर की खुदाई कर रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, ठेकेदार हरिशंकर ने नहर की मिट्टी खुदवाकर बेचना शुरू कर दिया है। इस काम में नौरैया खेड़ा कोठी में रहने वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पिंकी पाल, विपिन कटियार और माधव शाह भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि अब तक करीब डेढ़ सौ डम्पर मिट्टी का अवैध खनन किया जा चुका है और यह सिलसिला लगातार जारी है।
गौरतलब है कि हर साल नहर की खुदाई व मिट्टी निकालने का कार्य नीलामी प्रक्रिया के तहत होता है, जिससे विभाग को लाखों रुपये का राजस्व मिलता है। लेकिन मौखिक आदेश का हवाला देकर ठेकेदार को फायदा पहुंचाया जा रहा है। आदेश किसने और कब दिया, इसकी कोई लिखित जानकारी विभाग के पास नहीं है।
जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी और कर्मचारियों की मिलीभगत से यह अवैध खनन विभाग के लिए राजस्व हानि का कारण बन रहा है। स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर सिंचाई विभाग में चल रहे इस फर्जीवाड़े पर कार्रवाई कब होगी।
कानपुर से राजीव वर्मा की रिपोर्ट....
न्यूज़ इंडिया नेटवर्क
न्यूज़ एजेंसी

एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ