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कानपुर: रामादेवी फ्लाईओवर पर एसी बस धू-धू जल गई!यात्रियों की जान बचाई पुलिस ने, लाखों का माल राख...न्यूज इंडिया नेटवर्क एक्सक्लूसिव रिपोर्ट



 कानपुर: रामादेवी फ्लाईओवर पर एसी बस धू-धू जल गई!यात्रियों की जान बचाई पुलिस ने, लाखों का माल राख न्यूज इंडिया नेटवर्क एक्सक्लूसिव रिपोर्ट

कानपुर नगर। न्यूज इंडिया नेटवर्क कानपुर ब्यूरो | राजीव वर्मादिल्ली से वाराणसी की ओर जा रही कमला ट्रैवल्स की लग्जरी एसी बस शुक्रवार सुबह नौबस्ता इलाके में रामादेवी फ्लाईओवर पर चढ़ते ही रहस्यमय तरीके से आग की चपेट में आ गई। सुबह करीब 10:35 बजे की यह घटना इतनी भयावह थी कि चंद मिनटों में बस का पूरा ढांचा जलकर राख हो गया, लेकिन 40 यात्रियों की पुलिस ने जान जोखिम में डालकर बचा ली। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि आसपास के राहगीरों में हड़कंप मच गया और हाईवे पर अफरा-तफरी फैल गई।�


�घटना की पूरी कहानी: कैसे लगी आग?बस नौबस्ता चौराहे से रामादेवी फ्लाईओवर की ओर बढ़ रही थी, तभी अचानक इंजन या केबिन हिस्से से धुआं निकलने लगा। यात्रियों के मुताबिक, पहले तो लगा कि मामूली धुआं है, लेकिन अगले ही पल आग की भयानक लपटें भड़क उठीं और बस 'धू-धू' कर जलने लगी। चालक और कंडक्टर ने आग देखते ही वाहन रोक दिया और मौके से फरार हो गए, जिससे यात्री फंस गए। फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां पहुंचीं, लेकिन तब तक बस में सवार सभी का सामान जल चुका था। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट या ईंधन लीक की आशंका जताई जा रही है।�


�पुलिस की वीरता: जान पर खेलकर बचाई जिंदगियांइस हादसे में पीआरवी (पुलिस रिस्पॉन्स व्हीकल) और ट्रैफिक पुलिस के जवान हीरो बने। कांस्टेबल पुष्पेंद्र कुमार और साहिल खान ने बिना अपनी सुरक्षा का सोचे जलती बस में घुस गए और धुएं-लपटों के बीच यात्रियों को एक-एक कर बाहर निकाला। कई यात्री सीटों पर सोए हुए थे, जिन्हें जगाकर खींचा गया। एसएसपी कानपुर ने दोनों को सम्मानित करने का ऐलान किया है। अगर पुलिस न पहुंचती तो बड़ा कांड हो जाता।�


�यात्रियों की दिल दहला देने वाली आपबीतीबस में सवार पुष्पा देवी (वाराणसी निवासी) ने बताया, "हम सो रहे थे, अचानक चीखें सुनाई दीं और गर्मी महसूस हुई। बस से कूदे तो जान बची, लेकिन मेरा सोना-चांदी सब जल गया।"मनजीत झा (दिल्ली से लौट रहे) बोले, "चीख-पुकार न होती तो हम भी जल जाते। पुलिस भाईयों का शुक्रिया!"अन्य यात्रियों ने कहा कि आग इतनी तेज फैली कि सामान बचाने की सोच भी न सका। कुल 40 लोगों का जेवर, नकदी, कपड़े और घरेलू सामान लाखों में तबाह।�10 किमी लंबा जाम: शहर ठप हो गयारामादेवी फ्लाईओवर पर जलती बस देखकर वाहन रुक गए, जिससे नौबस्ता से लेकर चकेरी तक 10 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। दफ्तर जाने वाले, स्कूल-कॉलेज के बच्चे और ट्रक ड्राइवर घंटों फंसे रहे। ट्रैफिक पुलिस ने वैकल्पिक रूट्स खोले, लेकिन जाम दोपहर तक रहा। राहगीरों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया, जिससे वायरल हो गया।�


�नुकसान का आकलन और बस मालिक पर कार्रवाई40 यात्रियों का अनुमानित नुकसान 20-25 लाख रुपये से ज्यादा। ज्वैलरी, कैश और लगेज सब राख। कमला ट्रैवल्स के मालिक से पूछताछ चल रही है। आरटीओ ने बस का फिटनेस सर्टिफिकेट चेक करने के आदेश दिए। यात्रियों को मुआवजे का भरोसा दिलाया गया है।�जांच तेज: क्या है आग का राज?पुलिस और फॉरेंसिक टीम जांच में जुटी है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे। शॉर्ट सर्किट, खराब वायरिंग या ड्राइवर की लापरवाही संभावित कारण। एसएसपी ने कहा, "दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।" यह घटना वाहन सुरक्षा पर सवाल खड़ी कर रही है। न्यूज इंडिया नेटवर्क लगातार अपडेट देता रहेगा।�



�रिपोर्ट: न्यूज इंडिया नेटवर्क, कानपुर ब्यूरो | राजीव वर्मा | 28 नवंबर 2025

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