Type Here to Get Search Results !

मेरठ में सनसनी: कोरियन कल्चर के जुनून ने ली 3 मासूमों की जान? सुसाइड नोट में खुला चौंकाने वाला राज!


 मेरठ में सनसनी: कोरियन कल्चर के जुनून ने ली 3 मासूमों की जान? सुसाइड नोट में खुला चौंकाने वाला राज! 

​मेरठ | [आज की तारीख]

​उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने न केवल पुलिस प्रशासन बल्कि हर माता-पिता को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ तीन सहेलियों ने कथित तौर पर एक साथ आत्मघाती कदम उठा लिया। शुरुआती जांच में जो वजह सामने आ रही है, वह बेहद हैरान करने वाली है— 'कोरियन कल्चर' (K-Pop और K-Drama) का जुनून।

​📍 क्या है पूरा मामला?

​मेरठ के [मोहल्ले का नाम] इलाके में रहने वाली तीन किशोरियां, जो आपस में गहरी सहेलियां थीं, संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गईं। बताया जा रहा है कि तीनों लड़कियां काफी समय से गुमसुम थीं और अपना ज्यादातर समय मोबाइल पर कोरियन बैंड्स और ड्रामा देखने में बिताती थीं।

​📜 सुसाइड नोट में 'कोरियन' कनेक्शन!

​पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसने केस को पूरी तरह से बदल दिया है। सूत्रों के मुताबिक, नोट में लड़कियों ने साउथ कोरिया जाने की अपनी अधूरी इच्छा और वहां के कलाकारों के प्रति अपनी दीवानगी का जिक्र किया है।

​सपनों का टूटना: वे कोरिया जाकर अपने पसंदीदा स्टार्स से मिलना चाहती थीं।

​दबाव: घर वालों द्वारा पढ़ाई पर ध्यान देने और फोन कम इस्तेमाल करने की टोक-टाक से वे परेशान थीं।

​अंतिम फैसला: जब उन्हें लगा कि उनका 'कोरिया जाने का सपना' कभी पूरा नहीं होगा, तो उन्होंने मौत को गले लगाना बेहतर समझा।

​🔍 पुलिस और एक्सपर्ट्स का क्या कहना है?

​मेरठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले की हर एंगल से जांच कर रहे हैं।

​"हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या वे किसी ऑनलाइन 'सुसाइड गेम' या किसी ऐसे ग्रुप से जुड़ी थीं जो बच्चों को उकसाते हैं। उनके मोबाइल फोन फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिए गए हैं।"

​मनोवैज्ञानिकों की चेतावनी:

विशेषज्ञों का मानना है कि आजकल किशोरों में 'एस्केपिज्म' (हकीकत से भागना) बढ़ रहा है। वे काल्पनिक दुनिया (जैसे के-पॉप की दुनिया) को इतना सच मान लेते हैं कि हकीकत उन्हें बोझ लगने लगती है।

​⚠️ माता-पिता के लिए खतरे की घंटी (Red Flags)

​अगर आपका बच्चा भी कोरियन कल्चर या किसी भी इंटरनेट ट्रेंड का दीवाना है, तो इन बातों पर गौर करें:

​क्या वह सामाजिक रूप से कट रहा है?

​क्या वह देर रात तक फोन में लगा रहता है और पूछने पर चिढ़ जाता है?

​क्या उसकी बातों में अजीबोगरीब 'काल्पनिक दुनिया' का जिक्र ज्यादा है?

 न्यूज़ इंडिया नेटवर्क न्यूज़ एजेंसी अभी फॉलो करें...

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Advertisement

Advertisement
न्यूज़ इंडिया नेटवर्क के साथ जुड़े...