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कानपुर गैंगरेप केस में फरार दरोगा पर 50 हजार का इनाम, कोर्ट में पीड़िता के बयान दर्ज बयां की दरिंदगी की दास्तां


कानपुर गैंगरेप केस में फरार दरोगा पर 50 हजार का इनाम, कोर्ट में पीड़िता के बयान दर्ज बयां की दरिंदगी की दास्तां.....



*पुलिस की लापरवाही पर उठे सवाल, कमिश्नर ने लिए कड़े एक्शन*



*न्यूज इंडिया नेटवर्क कानपुर ब्यूरो | राजीव वर्मा*


कानपुर। कानपुर में 14 साल की किशोरी के साथ हुए गैंगरेप कांड में पुलिस की लापरवाही के आरोपों के बीच आरोपी फरार दरोगा अमित कुमार पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। जॉइंट सीपी क्राइम विनोद कुमार ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमें लगाई गई हैं।


घटना के चार दिन बाद पीड़िता का बयान कोर्ट में दर्ज किया गया। पीड़िता का बयान सुनने के बाद जज ने उसे दिलासा देते हुए कहा- 'इंसाफ होगा।' इससे एक दिन पहले ही कोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाते हुए कहा था कि पीड़िता नाबालिग है, लेकिन केस में पॉक्सो एक्ट की धाराएं नहीं लगाई गईं। इसके बाद पुलिस ने FIR में पॉक्सो एक्ट जोड़ दिया है।


*पुलिस की लापरवाही पर सवाल*


मामले में पुलिस के रवैये पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि पुलिस ने आरोपी दरोगा को भागने के लिए पर्याप्त समय दिया। पीड़िता और उसके भाई ने 6 जनवरी को ही थाने में शिकायत दी थी, लेकिन FIR नहीं लिखी गई। पुलिस कमिश्नर से मिलने के बाद FIR अज्ञात के खिलाफ दर्ज हुई। सीसीटीवी फुटेज में आरोपी दरोगा को घटनास्थल पर मौजूद पाया गया और उसकी गाड़ी भी बरामद हुई, लेकिन पुलिस ने उसके घर छापा नहीं मारा। इस दौरान दरोगा फरार हो गया।


*कमिश्नर का कड़ा एक्शन*


इन लापरवाहियों के चलते पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने 9 जनवरी को तीन बड़े एक्शन लिए:


1. एसीपी पनकी शिखर कुमार को लाइन हाजिर किया गया।

2. भीमसेन चौकी इंचार्ज दिनेश कुमार को निलंबित कर दिया गया।

3. विवेचक सुभाष चंद्र को केस की जांच से हटा दिया गया। नए विवेचक ने ही आज कोर्ट में पीड़िता का बयान दर्ज कराया।

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